Udayagiri cave








hello friends  आज मै आपको उदयगिरी गुफाओ के बारे में जानकारी दूंगा । उदयगिरी की गुफाऐ मध्‍यप्रदेश के विदिशा जिले से 9 कि0मी0 दूर स्थित है । इन गुफाओ में 1600 साल पुरानी भगवान विष्‍णु का एकमात्र ऐसा रूप जो प्रतिमा का सिर वराह (सुअर) का है , जवकि शरीर मनुष्‍य की तरह दिखाई देता है ऐसी प्रतिमा मध्‍यप्रदेश में ओर कही पर नही है । इसी कारण भगवान विष्‍णु के इस रूप को नरवराह कहा जाता है ।

गुफा में भगवान विष्णु के लेटे हुए मुद्रा में एक प्रतिमा है, जिसे जरूर देखना चाहिए। पत्थरों को काट कर बनाई ये गुफाएं गुप्त काल के कारीगरों के कौशल और कल्पनाशीलता का जीता जागता उदाहरण है। गुफा का प्रवेश द्वार को देख कर आप मंत्रमुग्ध हुए बिना नहीं रह सकेंगे।

उदयगिरि की गुफाओं में जो फर्श हैं उनको पत्थरों की समतल शिलाओं से बनाया गया है।  गुफाओं में सीढ़ीनुमादार पत्थरों पर चलते-चलते 18 गुफाओं के दर्शन हो जाते हैं। गुफा नम्‍बर 1, रानीगुम्फा यानी रानी की गुफा है जो दो मंजिला है। यह गुफा ध्वनि संतुलन की विशिष्टता के लिए प्रचलित है और समझा जाता है कि इसका प्रयोग मंत्रोच्चार के लिए और नाट्य प्रदर्शनों के लिए किया जाता है। यहां पर रथ पर सवार सूर्य देवता की भी मूर्ति है। नीचे वाली मंजिल के दायें भाग में एक कक्ष है जिसके तीन प्रवेश स्थल हैं और खंभों वाला बरामदा है। चतुर्भुज आकार की शिला के तीन ओर से इसकी खुदाई की गई है और दीवारों पर चित्र-बेलें हैं। प्रवेश स्थल पर दो संतरियों की मूर्तियों सहित इसमें कुछ सुंदर वास्तुकला के दृश्य हैं। प्रवेश स्थल के भित्ति स्तंभों पर सुंदर चित्र-बेलें, तोरण, जीव-जंतुओं के दृश्य तथा धार्मिक और राजसी दृश्य हैं। एक नर्तकी के साथ संगीतकार को हाथ जोड़ने की मुद्रा में दर्शाया गया है।